DARARON KI ROSHNI
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TypePrint
- CategoryNon-Academic
- Sub CategoryFiction
- StreamLanguage and Literature
यह काव्य-संग्रह दो बहनों के बीच सहज व सरस साझेदारी है, जहाँ दोनों एक दूसरे की भावपूरक हैं। इनकी अँग्रेजी भाषा में रचित कविता के संदर्भ में डॉ. बीना सिंह कहती हैं कि "इनके बीच जो समानता है वह वर्डसवर्थ और कोलरिज जैसी है।" दोनों की काव्यशैली बिल्कुल अलग किन्तु समतल धरातल से उर्ध्वमुखी शैल की तरह अपने-अपने सतह को संरक्षित करते एवं विस्तार देते हुए सुगम काव्य-धारा प्रवाहित करते हुए लक्षित होती है। विनम्रता जहाँ साहित्यिक शैली में ओजपूर्ण भाषा का प्रयोग करती हैं, वहीं पूर्णिमा सरल शब्दों के माध्यम से अपनी भावनाओं को पाठकों तक प्रेषित करती हैं। दोनों की सृजनात्मकता अलग है परन्तु उनका परस्पर सामन्जस्य व भावनात्मक जुड़ाव भी उनकी कविता में परिलक्षित होती है। सुखद एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ--
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