राग लक्षणगीतम्: संगीत की अनमोल धारोहर ( भाग – १ ) RAAG LAKSHAN GEETAM: THE PRICELESS HERITAGE OF MUSIC (PART – 1)
-
TypePrint
- CategoryNon-Academic
- Sub CategoryNon Fiction
- StreamClassic-Fiction
“लक्षणगीत संगीत की एक ऄनमोल धरोहर” जैसी ऄनमोल सांगीततक कृ ती के प्रकाशन के आस पावन ऄवसर पर लेतखका को हार्ददक बधाइ एवं मंगलमय अशीवाद। भारतीय शास्त्रीय संगीत की परंपरा में पं. तवष्णू नारायण भातखंडेजी आनका योगदान ऄत्यंत महत्त्वपूणग है | चतुर पंतडतजी लक्षणगीतोंके अद्यप्रवतगक माने जाते है | तथा आनके स्त्वरतचत लक्षणगीतों का ऄध्ययन प्रस्त्तुत पुस्त्तक मे तकया है | लक्षण-गीत के वल रागों की पहचान का माध्यम नहीं, ऄतपतु ईनकी अत्मा को समझने का सशक्त सेतु हैं। तजस प्रकार तकसी राग का स्त्वरूप ईसके अरोह-ऄवरोह, वादी-संवादी और तवतशष्ट पकड़ से प्रकट होता है, ईसी प्रकार आस ग्रंथ में लक्षणगीतों का महत्व, लक्षणगीतों की तनमाण प्रतिया, दशतवध थाट ऄंतगगत पंतडत भातखंडेजी द्वारा तनर्दमत चतुर, चर, हररंग ईपनामक लक्षणगीत बंदीशोंका ऄध्ययन एवं शैक्षतणक ईपयोगीता एवं पंतडतजी का सांगीततक योगदान अदी का सूक्ष्म एवं शोधपरक तववेचन ऄत्यंत व्यवस्स्त्थत और प्रामातणक रूप में प्रस्त्तुत हुअ है। लेतखका ने ऄपने गहन ऄध्ययन, शैक्षतणक दस्ृष्ट और संगीत-साधना के समन्वय से आस तवषय को ऄत्यंत सरल, स्त्पष्ट और प्रभावी भाषा में ऄतभव्यक्त तकया है। यह ग्रंथ संगीत के तवद्यार्दथयों, शोधार्दथयों एवं संगीत तजज्ञासू के तलए के तलए मागगदशगक तसद्ध होगा तथा भारतीय राग-संगीत की ज्ञान-परंपरा को सदुढ़ृ करनेमेंमहत्वपणू गयोगदान देगा। तनःसंदेह, यह कृ तत संगीतजगत में एक मूल्यवान संदभग-ग्रंथ के रूप में प्रततस्ष्ित होगी। इश्वर से प्राथगना है तक डॉ. सातरका श्रावणे की लेखनी तनरंतर ईन्नतत के तशखर पर अरोहण करती रहे, ईनकी सृजनात्मक साधना नए अयाम स्त्थातपत करे तथा वे ऄकादतमक एवं सांगीततक क्षेर में ऄपनी तवतशष्ट पहचान और ऄतधक सदुढ़ृ करती रहें। आन्हीं मंगलकामनाओं के साथ— शुभाशीष!
**Note: IIP Store is the best place to buy books published by Iterative International Publishers. Price at IIP Store is always less than Amazon, Amazon Kindle, and Flipkart.
COMMENTS
No Review found for book with Book title. राग लक्षणगीतम्: संगीत की अनमोल धारोहर ( भाग – १ ) RAAG LAKSHAN GEETAM: THE PRICELESS HERITAGE OF MUSIC (PART – 1)